Harmonium Kaise Sikhe


Harmonium Kaise Sikhe

हारमोनियम बजाना कैसे सीखें (Harmonium bajana kaise seekhe)
भारतीय शास्त्रीय संगीत में हारमोनियम ने एक अलग ही पहचान बनाई हैं। हालांकि हारमोनियम का आविष्कार यूरोप में हुआ था किन्तु भारतीय शास्त्रीय संगीत के अनुकूल होने के कारण यह जल्दी ही अपना लिया गया।

How to play Harmonium In Hindi

हारमोनियम में हवा के प्रवाह से कंपन उत्पन्न होता है जिससे स्वर की उत्पत्ति होती हैं। हारमोनियम में हवा का प्रवाह(Air Pumping) कराने के लिये पैर तथा हाथ का उपयोग किया जाता हैं। अपने देश के ज्यादातर हारमोनियम में धौंकनी(Bellows) का इस्तेमाल होता हैं जिसमें हाथ के द्वारा धौकनी को निरंतर आगे-पीछे करते रहने से हवा का प्रवाह होता हैं।

यूरोप से 19वीं सदी में दोनों तरह के हारमोनियम का भारत में आगमन हुआ लेकिन पैर से हवा देने वाले हारमोनियम के पैडल को चलाने के लिये एक कुर्सी या किसी अन्य फर्निचर(Furniture) की आवश्यकता होती थी जो भारतीय शास्त्रीय संगीत के अनुरूप नहीं था फलस्वरूप हस्त-चालित हारमोनियम का चलन बढ़ गया जो आज तक बना हुआ हैं।

पहले हारमोनियम से संबंधित कुछ बेसिक बातों को समझते है फिर आगे बढ़ते हैं। यदि आप पियानो बजाने से संबंधित जानकारी पढ़ना चाहते है तो पियानो अथवा कीबोर्ड कैसे बजाते है उसपर अलग लेख भी उपलब्ध हैं, क्योंकि हारमोनियम और पियानो दोनों को एक साथ रखना ठीक नही हैं।

हारमोनियम में धौंकनी(Bellows) क्या हैं?

धौंकनी हारमोनियम का सबसे महत्वपूर्ण यंत्र है यह गत्ते(Cardboard) तथा चमड़े(Leather) से मिलकर बना होता हैं।

प्रत्येक हारमोनियम में दो Bellows होते है –

  • 1. बाहरी धौंकनी(External Bellows) – इसे हाथ से निरंतर चलाने(Pumping) के दौरान यह हवा को Valve से प्रवेश करा कर Internal Bellows में भेज देता हैं। इसमें पीछे के तरफ पाँच या उससे अधिक वॅाल्व(Valve) लगे होते हैं।
  • 2. आंतरिक धौंकनी(Internal Bellows) – Internal Bellows हवा को संग्रहीत(Reserved) कर लेती है तथा यह हवा को कंपन पट्टी(Reeds Board) की तरफ छोड़ती है जहां Stops से होते हुए यह Keys के पास पहुँचती है और Keys को दबाने के फलस्वरूप आवाज उत्पन्न होती हैं। आंतरिक धौंकनी हारमोनियम के भीतरी हिस्से में होती है ये बाहर से दिखायी नहीं देती।

हारमोनियम Notes(Keys) अथवा स्वर क्या हैं?

Keys को हिन्दी में “चाबी अथवा कुंजी” कहा जाता हैं। हारमोनियम पर इसे दबाने से स्वर की उत्पत्ति होती हैं। ये सफेद तथा काले रंग के होते हैं। जिन्हें हमलोग संगीत के सातों स्वर –
सा(षडज), रे(ऋषभ), ग(गंधार), म(मध्यम), प(पंचम), ध(धैवत), नि(निषाद) अर्थात “सा, रे, ग, म, प, ध, नी” के नाम से जानते हैं।

सप्तक किसे कहते है?

ऊपर के सातों स्वरों के समूह को ही सप्तक कहा जाता हैं। हारमोनियम में तीन सप्तक होते हैं – “मंद्र, मध्य तथा तार सप्तक” तथा इन तीनों सप्तकों से मिलकर हारमोनियम का एक Keyboard होता हैं। गायक अथवा वादक हारमोनियम बजाते समय ज्यादातर ‘मध्य सप्तक’ का उपयोग करते हैं।
हारमोनियम के एक सप्तक में सात सफेद तथा पाँच काले Keys होते हैं। उपर के चित्र को बड़ा करके ध्यान से देखें।

हारमोनियम में शुद्ध, कोमल तथा तीव्र स्वर

  • शुद्ध स्वर – साधारणतः संगीत के सातों स्वर – “सा, रे, ग, म, प, ध, नी” को ही शुद्ध स्वर कहा जाता हैं।
  • कोमल स्वर – सरल भाषा में हारमोनियम के काले Keys को कोमल स्वर कहा जाता है। कोमल स्वर की फ्रीक्वेंसी शुद्ध स्वरों की तुलना में थोड़ा कम होती हैं।
  • तीव्र स्वर – सातों सुरों या स्वरों में केवल ” म “ स्वर तीव्र होता है। तीव्र स्वर शुद्ध स्वरों की तुलना में थोड़ा ज्यादा तेज आवाज उत्पन्न करती हैं।

हारमोनियम बजाने के लिए क्या जरूरी हैं।

संगीत को ईश्वर की देन माना जाता हैं। कठिन मेहनत करें तो कोई भी कार्य सफल हो जाता हैं। ठीक यही बात यहां भी लागू होती है क्योंकि आप एक घंटे में, एक दिन में या एक महीने में और मान लीजिए तो पूरे एक साल में भी हारमोनियम बजाना नहीं सीख सकते जब तक आप यह न साबित कर दे की आपको हारमोनियम बजाना सीखना ही हैं। इसके लिए आपको थोड़ी मेहनत करनी होगी। हारमोनियम सीखना तो बड़ा आसान हैं किन्तु बजाना मुश्किल। आपने बहुत लोगों को देखा होगा हारमोनियम बजाते, जब और लोग बजा सकते है तो आप क्यों नही बजा सकते?

मैं उतना भी गुणी नही हूँ लेकिन जहां तक मुझे ज्ञात हैं, हारमोनियम सीखने के दो मुख्य तरीके हैं। पहला अभ्यास करके तथा दूसरा सरगम यानि की नोटेशन(notation) की मदद से।
कहने का तात्पर्य है की यदि आप अभ्यास करके आवाज और लय को साध कर हारमोनियम बजाना सीखेंगे तो आप किसी भी गाने को बजा सकते हैं जबकि आप मेहनत नहीं करेंगे तो आप किसी भी गाने को हारमोनियम पर नही बजा पायेंगे। आप उसी गाने को बजा पायेंगे जिसका नोटेशन आपको याद होगा। नोटेशन के बारे में आगे पढेंगे।

हारमोनियम सीखने के तरीके

हारमोनियम का अभ्यास करने में राग तथा स्वर-अलंकार के साथ नोट्स का भी बहुत महत्त्वपूर्ण योगदान होता हैं।
आइये ऊपर बताये गये दोनों तरीकों को विस्तार से जाने।

1. अभ्यास तथा सुरों को साध कर हारमोनियम बजाना सीखना।

नये हारमोनियम सीखने के इच्छुक लोगों के लिए जरूरी है कि वो निरंतर ओंकार(ऊँ) के जाप की तरह अपने आवाज को हारमोनियम पर साधें। आप कई हारमोनियम बजाने वालो को ऐसा करते देखे होंगे। जैसे घटते-बढ़ते(आरोह-अवरोह) क्रम में “अ…अ…अअअअ…अ……अ…” का अभ्यास करना।

जब आपके आवाज तथा हारमोनियम के आवाज में कोई अंतर नही रह जाता तब अभ्यास सफल हो जाता हैं।

अभ्यास के लिए आपको आरोह तथा अवरोह के क्रम में स्वर अलंकारों का अभ्यास हारमोनियम के सभी सप्तकों के सातों स्वरों पर करना चाहिए। और साथ ही साथ कुछ गानों अथवा भजनों के नोट्स(सरगम) लेकर उसे बजाने की कोशिश करनी चाहिए।

धीरे-धीरे जब आप स्वरों को साध लेंगे अर्थात जब आपका हाथ हारमोनियम पर बैठ(Set) जाएगा तब आप आँखें मूँदकर किसी भी गाने को बजा पायेंगे। ये बहुत आसान हैं, मन में इच्छाशक्ति को रखकर अभ्यास कीजिये।

नोट :- मन्द्र स्वरों के नीचे एक बिन्दी लगा कर उन्हें मन्द्र बताया जाता है तथा तार सप्तक के स्वरों के ऊपर एक बिंदी लगा कर उन्हें तार सप्तक के रूप में दिखाया जाता है।

आरोह-अवरोह तथा अलंकार

सा रे ग म प ध नि सां (आरोह)
तथा
सां नि ध प म ग रे सा (अवरोह)

आरोह तथा अवरोह के क्रम में सभी स्वरों का अभ्यास कीजिये तथा निचे कुछ अलंकार हैं इन्हें आवाज को साधकर हारमोनियम पर बजाने की कोशिश करे, ये सब एकदिन में नही होगा इसलिए रोजाना इसका अभ्यास करें। आपको इन्टरनेट पर सर्च करने पर बहुत सारे अलंकार मिल जायेंगे साथ ही YouTube पर विडियो देखना भी काफी लाभप्रद हो सकता हैं।

कुछ अलंकारों के उदाहरण देखिए –
  • 1. सासा रेरे गग मम पप धध निनि सांसां।
    सांसां निनि धध पप मम गग रेरे सासा।
  • 2. सारेग, रेगम, गमप, मपध, पधनि, धनिसां।
    सांनिध, निधप, धपम, पमग, मगरे, गरेसा।
  • 3. सारेसारेग, रेगरेगम, गमगमप, मपमपध, पधपधनि, धनिधनिसां।
    सांनिसांनिध, निधनिधप, धपधपम, पमपमग, मगमगरे, गरेगरेसा।
  • 4. सारेगसारेगसारेसागरेसा, रेगमरेगमरेगरेमगरे, गमपगमपगमगपमग, मपधमपधमपमधपम, पधनिपधनिपधपनिधप, धनिसांधनिसांधनिधसांनिध, निसांरेनिसांरेनिसांनिरेंसांनि, सांरेंगंसांरेंगंसांरेंसांगंरेंसां।

2. सरगम(Notation) के द्वारा हारमोनियम सीखना

हारमोनियम पर किसी गाने को बजाने का एक सरल तरीका है उस गाने का सरगम कंठस्थ करके बजाना। इंटरनेट पर अधिकतर गानों का सरगम उपलब्ध है आप सर्च करके मनपसंद गाने का Harmonium Notes प्राप्त कर सकते हैं।

नीचे राष्ट्रगान के उदाहरण से सरगम को समझे –

राष्ट्रगान – जन गण मन का हारमोनियम नोट्स

Note :- हरे अक्षर वाले स्वर(Notes) जिसके उपर छोटा बिन्दु हैं को; आप जिस सप्तक(Octave) पर बजा रहे है उसके ठीक बाद वाले सप्तक में दबाना हैं तथा लाल अक्षर वाले स्वर(नोट्स) जिसके पहले छोटा बिन्दु हैं को; आप जिस सप्तक(Octave) पर बजा रहे है उसके ठीक पहले वाले सप्तक में दबाना हैं।

(t) तीव्र स्वर को इंगित करता है यानी काली कुंजी(Key) को।

National Anthem – Jana Gana Mana Harmonium Notes

जन-गण-मन अधिनायक जय हे
सासा रेरे गग गगग गग रेग म
भारत-भाग्य-विधाता
ग गग रे रेरे .नी रेसा
पंजाब-सिन्ध-गुजरात-मराठा
सा पप पप पपपप म(t) धप
द्राविड़-उत्कल-बंग
म मम ग गग रेमग
विन्ध्य-हिमाचल, यमुना-गंगा
ग ग गग ग रे पपप मम
उच्छल जलधि तरंग
ग गग रे रेरे .नी रेसा
तव शुभ नामे जागे
सा रे गग गग रेगम
तव शुभ आशिष मांगे
गम पप प मग रेमग
गाहे तव जय गाथा
गग रेरे रे .नी रेसा
जन-गण-मंगलदायक जय हे
पप पप प पप प पप म(t)धप
भारत-भाग्य-विधाता
म मम ग गग रेमग
जय हे, जय हे, जय हे
गप सां नीध नी धप ध
जय-जय-जय, जय हे
सा सा रे रे ग ग रेग म

आप स्क्रीनशॉट लेकर जन गण मन के इन हारमोनियम सरगम(notes) को सेव कर सकते हैं। या फिर अपने बुकमार्क मे इस पेज को सेव कर लें।

Indian National Anthem का Full Harmonium या Piano Notation देखने के लिए नीचे क्लिक करें-

Jana Gana Mana Piano Notes

Note – अगर आप और भी गीतों की नोटेशन देखकर बजाना चाहते हैं तो आप हमारी नीचे दी गयी दुसरी वेबसाइट पर जा कर देखें

Website: www.harmoniumguru.in

हारमोनियम बजाना कैसे सीखें(Harmonium bajana kaise seekhe)

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